करैरा में ईद-उल-फितर का हुआ भव्य आयोजन , नमाज के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद, प्रशासन की रही कड़ी निगरानी।



करैरा:- करैरा में ईद-उल-फितर का पर्व पूरे धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। ईदगाह पर सुबह-सुबह साढ़े 8 बजे हाफिज हुमायूँ आलम द्वारा ईद की विशेष नमाज अदा कराई गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियों का इजहार किया। इस मौके पर शहर काजी मंजरे आलम, चिक्कू खान, नफीस खान, मौहसीन खान, हीरोज खान, असलम खान सहित मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। खास बात यह रही कि इस आयोजन में मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल कायम हुई।
प्रशासन ने इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए थे। ईदगाह और आसपास के इलाकों में जगह-जगह टेंट और पंडाल लगाए गए, जहां लोगों ने एक साथ बैठकर मीठी सेवइयों का लुत्फ उठाया। कई लोग इत्र लगाकर उत्सव में चार चांद लगाते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी नए कपड़ों में सजे-धजे ईद की खुशियां मनाते दिखे।
करैरा की जामा मस्जिद और मोती मस्जिद, जो रमजान के पवित्र महीने में नमाज और धार्मिक एकजुटता का मुख्य केंद्र रहीं, वहां भी ईद के दिन विशेष रौनक देखी गई। रमजान के दौरान इन मस्जिदों में रोजाना नमाज और कुरान की तिलावत के लिए लोग इकट्ठा होते थे, और ईद के मौके पर यह उत्साह चरम पर पहुंच गया। हाफिज अतीक मौलाना का कहना है कि यह त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में एकता और प्रेम का संदेश भी फैलाता है।
करैरा थाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसके चलते यह आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। करैरा की हर मस्जिद के बाहर करैरा पुलिस की कड़ी निगरानी रही एवं शुक्रवार जुमा के दिन भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा ।
उप, संपादक राजेन्द्र गुप्ता
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