ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ग्वालियर शहर में डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग मलेरिया एवं नगरनिगम की संयुक्त टीमो द्वारा डेंगू नियंत्रण करवाई की जा रही है तथा सर्वे टीम द्वारा घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा नष्ट कराए जा रहे हैं।
ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ग्वालियर शहर में डेंगू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग मलेरिया एवं नगरनिगम की संयुक्त टीमो द्वारा डेंगू नियंत्रण करवाई की जा रही है तथा सर्वे टीम द्वारा घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा नष्ट कराए जा रहे हैं।
आज दिनांक 21.9.2024 को 294 रोगियों की डेंगू जांच में ग्वालियर के कुल 27 पॉजीटिव केस पाए गए, इस वर्ष जनवरी से अभी तक कुल 8320 रोगियों की डेंगू जांच में कुल 527 पॉजिटिव केस पाये गये हैं जिनका उपचार किया गया। सर्वे टीम द्वारा आज कुल 2951 घरों का सर्वे किया गया जिनमें 289 घरो में पाये गये लार्वा को नष्ट कराया गया । जनवरी से अभी तक कुल 406198 घरों का सर्वे किया गया जिनमें 12568 घरो में पाये गये लार्वा को नष्ट कराया गया है ।
डेंगू नियंत्रण के लिए डेंगू प्रभावित क्षेत्र में दवा का छिड़काव तथा नगर निगम के सहयोग से फागिंग की कार्यवाही की गई। तथा लार्वा पाए जाने पर कुल राशी रुपए 1500 के चालान किए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया कार्यालय की टीम नियमित सर्वे कर डेंगू प्रभावित क्षेत्र में जाकर सर्वे तथा दवा का छिड़काव कर रहे हैं और लोगों को डेंगू से बचाव के लिए समझा रहे है तथा बुखार के केसों की जांच कर रहे है। जनजागरूकता के लिए नगर निगम के वाहनों के माध्यम से माइकिंग द्वारा डेंगू से बचाव का प्रचार प्रसार कराया जा रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद दोनेरिया ने बताया की डेंगू का मच्छर हमारे घर और आसपास बर्तन, टायर कूलर टंकी गमले छत एवं कबाड़ में भरे पानी मैं पनपता है ऐसे पानी मे मच्छर अंडे देते है जिनसे 7 से 12 दिन के भीतर मच्छरों की उत्पत्ति हो जाती है अतः अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दें एवं 7 दिवस के भीतर पानी खाली करें जिससे डेंगू बीमारी को रोका जा सकेl मच्छरों से बचाव करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरी आस्तीन के कपडे पहने। मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम, क्वाइल, रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। टायर, कबाड सामान ढंक कर रखें इनमें पानी इकट्ठा नहीं होने दें। बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें।